ध्वजदंड की नींव आमतौर पर कंक्रीट से बनी उस नींव को कहते हैं जिस पर ध्वजदंड जमीन पर टिका रहता है। ध्वजदंड की नींव कैसे बनाई जाती है? ध्वजदंड आमतौर पर सीढ़ीनुमा या प्रिज्मनुमा आकार का होता है, और पहले कंक्रीट का गद्दी बनाया जाता है, फिर नींव। ध्वजदंड को उठाने की विधि के आधार पर दो प्रकार का बनाया जा सकता है: बिजली से चलने वाला ध्वजदंड और मैन्युअल ध्वजदंड। बिजली से चलने वाले ध्वजदंड की नींव को पहले से ही जमीन में गाड़ना पड़ता है ताकि बिजली की लाइन पहले से ही बिछी रहे। ध्वजदंड लगाने की विधियों में आमतौर पर शामिल हैं: पाइप के माध्यम से लगाना, पाइप के हिस्सों को जमीन में गाड़ना और सीधे वेल्डिंग करना। प्रत्येक विधि के अपने फायदे और नुकसान हैं। आजकल सबसे अधिक इस्तेमाल की जाने वाली विधि पाइप के हिस्सों को जमीन में गाड़कर नींव लगाना है। इस विधि से लगाना सबसे आसान होता है, सुरक्षा भी सुनिश्चित होती है, और साथ ही बाद में ध्वजदंड को खोलना और सीधा करना भी सुविधाजनक होता है।
पोस्ट करने का समय: 24 फरवरी 2022

